IPL 2026: वीरेंद्र सहवाग ने KKR को दी दो खिलाड़ियों को तुरंत बाहर करने की सलाह
कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए कठिन समय
आईपीएल 2026 का सीजन कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ रायपुर में मिली हार के बाद टीम प्लेऑफ की दौड़ में पिछड़ती जा रही है। अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली यह टीम अब अंक तालिका में 11 मैचों में 9 अंकों के साथ 8वें स्थान पर संघर्ष कर रही है।
वीरेंद्र सहवाग का कड़ा रुख
टीम के खराब प्रदर्शन पर अपनी राय रखते हुए पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने KKR को कुछ साहसी और कड़े फैसले लेने का सुझाव दिया है। सहवाग का मानना है कि यदि टीम को गुजरात टाइटंस के खिलाफ होने वाले आगामी महत्वपूर्ण मुकाबले में वापसी करनी है, तो उन्हें अपनी प्लेइंग इलेवन में बदलाव करने ही होंगे।
रोवमैन पॉवेल और वैभव अरोड़ा पर गिरी गाज
सहवाग ने विशेष रूप से रोवमैन पॉवेल और वैभव अरोड़ा के प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने क्रिकबज पर चर्चा के दौरान कहा, ‘मुझे लगता है कि पॉवेल टीम में कोई खास योगदान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में KKR को टिम सेफर्ट या राहुल त्रिपाठी जैसे विकल्पों पर विचार करना चाहिए।’
सहवाग ने केवल बल्लेबाजी ही नहीं, बल्कि गेंदबाजी विभाग में भी बदलाव की बात कही है। वैभव अरोड़ा के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘आरसीबी के खिलाफ वैभव ने 4 ओवर में 48 रन लुटाए और एक भी विकेट नहीं लिया। टीम को उमरान मलिक या नवदीप सैनी को मौका देने के बारे में सोचना चाहिए।’
रणनीति में बदलाव की आवश्यकता
सहवाग का मानना है कि टीम को केवल खिलाड़ियों को बाहर ही नहीं करना चाहिए, बल्कि बल्लेबाजी क्रम में भी फेरबदल करने की जरूरत है। उनके अनुसार, टिम सेफर्ट को ओपनिंग के अलावा नंबर तीन पर भी आजमाया जा सकता है, जबकि रघुवंशी या रहाणे को भी क्रम में ऊपर-नीचे करके देखा जा सकता है।
क्या प्लेऑफ की उम्मीदें अभी भी बाकी हैं?
दूसरी ओर, पूर्व KKR खिलाड़ी रोहन गावस्कर ने टीम की स्थिति पर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि अब प्लेऑफ में जगह बनाना टीम के हाथों से निकल चुका है। गावस्कर ने कहा, ‘भले ही वे गणितीय रूप से दौड़ में बने हुए हैं, लेकिन व्यावहारिक रूप से अब सब कुछ उनके अपने प्रदर्शन पर निर्भर नहीं है। उन्हें अन्य टीमों के नतीजों पर भी निर्भर रहना होगा।’
टीम के सामने बड़ी चुनौती
अब जबकि केकेआर अपने घरेलू मैदान ईडन गार्डन्स पर लौट रही है, प्रशंसकों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या प्रबंधन सहवाग की सलाह पर गौर करेगा। 16 मई को गुजरात टाइटंस के खिलाफ होने वाला मुकाबला कोलकाता के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति जैसा है। टीम को अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी दोनों विभागों में अनुशासन और आक्रामकता दिखाने की सख्त जरूरत है।
इस सीजन में केकेआर के लिए वरुण चक्रवर्ती की अनुपस्थिति भी एक बड़ा झटका रही है, जिससे उनकी गेंदबाजी लाइनअप काफी कमजोर नजर आई है। अब देखना यह है कि क्या आने वाले मैचों में टीम प्रबंधन अपनी गलतियों से सीखकर बेहतर प्रदर्शन कर पाती है या नहीं।
