क्या सुनील नरेन आईपीएल के सर्वकालिक महान खिलाड़ी हैं? अंबाती रायडू का बड़ा बयान
सुनील नरेन: आईपीएल के इतिहास में एक बेजोड़ विरासत
आईपीएल के ग्लैमरस और उतार-चढ़ाव भरे मंच पर कई दिग्गजों ने अपनी छाप छोड़ी है, लेकिन जब बात निरंतरता और मैच-विनिंग प्रदर्शन की आती है, तो सुनील नरेन का नाम सबसे ऊपर उभर कर आता है। हाल ही में गुजरात टाइटंस के खिलाफ अपने 200वें आईपीएल मैच में 2 विकेट लेकर कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले नरेन के लिए अंबाती रायडू ने बड़ी बात कही है। रायडू का मानना है कि नरेन आईपीएल इतिहास के अब तक के ‘सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी’ हैं।
रायडू की नजर में नरेन का कद
रायडू ने ईएसपीएनक्रिकइन्फो के शो ‘टाइमआउट’ पर चर्चा करते हुए कहा, ‘मेरे अनुसार सुनील नरेन आईपीएल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हैं। लीग में कई महान खिलाड़ी आए हैं, लेकिन यह खिलाड़ी हमेशा सबसे अलग खड़ा रहता है। मेरी सूची में वह शीर्ष पर हैं।’ उन्होंने नरेन को गेंद और बल्ले दोनों से एक ‘प्रॉपर मैच-विनर’ बताया।
संजय बांगर की राय और नरेन का संघर्ष
वहीं, पूर्व भारतीय कोच संजय बांगर ने नरेन को लीग का ‘लीजेंड’ माना है। बांगर के अनुसार, नरेन की सबसे बड़ी खूबी उनकी लंबी उम्र (लंबे समय तक खेलना) है। बांगर ने कहा, ‘उन्होंने अपने गेंदबाजी एक्शन पर उठे सवालों और तमाम चुनौतियों का सामना किया, लेकिन फिर भी अपनी कला को बरकरार रखा। वे दोनों तरफ गेंद घुमाने की क्षमता रखते हैं, जो बल्लेबाजों के मन में हमेशा संदेह पैदा करता है।’
आंकड़ों की जुबानी नरेन की कहानी
सुनील नरेन के आंकड़े खुद उनकी महानता की गवाही देते हैं। आईपीएल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में वे 205 विकेट के साथ युजवेंद्र चहल और भुवनेश्वर कुमार के पीछे मजबूती से खड़े हैं। 2012 से केकेआर के साथ जुड़े नरेन एक ‘वन-टीम मैन’ रहे हैं। केकेआर की तीनों खिताबी जीत (2012, 2014, 2024) में नरेन का योगदान निर्णायक रहा है। सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि इतने वर्षों में उनका इकॉनमी रेट कभी भी आठ प्रति ओवर के पार नहीं गया है।
बल्लेबाजों के लिए क्यों पहेली हैं नरेन?
अंबाती रायडू ने इस बात पर प्रकाश डाला कि क्यों नरेन आधुनिक क्रिकेट में भी इतने प्रभावी हैं। रायडू के मुताबिक, राशिद खान जैसे स्पिनर्स कभी-कभी सपाट पिचों पर संघर्ष करते हैं क्योंकि उनकी गेंदें तेज होती हैं और बल्ले पर आसानी से आती हैं। इसके विपरीत, नरेन की गेंदें सतह पर रुकती हैं और स्किड नहीं करतीं। रायडू ने कहा, ‘सुनील नरेन की गेंद हमेशा सतह पर होल्ड करती है। एक बल्लेबाज के रूप में, उनके खिलाफ सेट होना हमेशा मुश्किल होता है क्योंकि आप अक्सर अपना संतुलन खो देते हैं।’
नरेन की अनूठी शैली का प्रभाव
बांगर के अनुसार, पिछले 12-13 वर्षों में किसी भी बल्लेबाज ने नरेन पर पूरी तरह से हावी होने का साहस नहीं दिखाया है। उन्होंने बताया कि रायडू जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी नरेन के खिलाफ रक्षात्मक रुख अपनाकर सिंगल-डबल लेने में ही भलाई समझते थे। यह स्पष्ट करता है कि नरेन केवल एक गेंदबाज नहीं हैं, बल्कि एक ऐसी मानसिक चुनौती हैं जिसे पार पाना हर किसी के लिए संभव नहीं रहा है।
अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि सुनील नरेन का आईपीएल का सफर एक ऐसी मिसाल है जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मानक स्थापित करेगा। चाहे वह उनकी गेंदबाजी में विविधता हो या केकेआर के प्रति उनकी निष्ठा, नरेन ने साबित कर दिया है कि आईपीएल जैसे प्रतिस्पर्धी लीग में ‘सर्वश्रेष्ठ’ का ताज हासिल करने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि अथक अनुशासन और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की क्षमता की भी आवश्यकता होती है।
