मोहम्मद शमी ने आईपीएल में इतिहास रचा, भारतीय टीम में न चुने जाने का जवाब दिया
शमी ने पहली गेंद पर छह बार विकेट लेकर रचा इतिहास
मोहम्मद शमी, भारत के सबसे विश्वसनीय तेज गेंदबाजों में से एक, ने आईपीएल 2026 के दौरान एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित किया है जिसे आसानी से भुलाया नहीं जा सकता। लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए पंजाब किंग्स के खिलाफ खेलते हुए शमी ने ओपनर प्रियांश आर्य को मैच की पहली गेंद पर ही पेवेलियन भेज दिया। यह उनके इस सीजन का छठा ऐसा मौका था जब उन्होंने पहली गेंद पर विकेट लिया।
जोफ्रा आर्चर को पीछे छोड़ा
इस उपलब्धि के साथ शमी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर के पांच विकेट के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। आर्चर इससे पहले एक सीजन में सबसे ज्यादा पहली गेंद पर विकेट लेने वाले गेंदबाज थे, लेकिन अब शमी ने इस शीर्षक पर अपना दावा मजबूत कर लिया है।
लखनऊ का सीजन समाप्त, लेकिन शमी का प्रदर्शन चमका
लखनऊ सुपर जायंट्स आधिकारिक तौर पर आईपीएल 2026 से बाहर हो चुके हैं और 14 मैचों में केवल आठ अंकों के साथ सीजन का अंत किया। लेकिन बावजूद इसके, टीम के गेंदबाजी आक्रमण ने सीजन की शुरुआत में खासा प्रभाव छोड़ा, जिसमें शमी का योगदान अहम रहा।
सनराइजर्स से लखनऊ आए शमी
शमी को सनराइजर्स हैदराबाद से लखनऊ सुपर जायंट्स में ट्रेड किया गया था, क्योंकि 2025 के सीजन में उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। हालांकि, चोट से वापसी के बाद शमी ने एक बार फिर साबित किया कि वह गेंदबाजी में अभी भी खतरनाक हैं। रिषभ पंत की कप्तानी में वे नए गेंदबाज के रूप में भरोसे के चुने गए और अक्सर पहले ओवर में ही विकेट लेने में कामयाब रहे।
देशी क्रिकेट में भी धमाल मचाया
आईपीएल से पहले, शमी ने 2025-26 के घरेलू सत्र में बंगाल के लिए तीनों प्रारूपों – रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में शानदार गेंदबाजी की। उनकी फिटनेस और विकेट चटकाने की क्षमता पूरे सीजन बरकरार रही, जिससे उनकी वापसी के संकेत मजबूत हो गए थे।
फिर भी भारतीय टीम में क्यों नहीं?
हैरानी की बात यह है कि इतनी शानदार फॉर्म और फिटनेस के बावजूद शमी को भारतीय टीम में फिर से मौका नहीं मिला। अजित अगारकर की अगुवाई वाली चयन समिति ने लखनऊ सुपर जायंट्स के दो अन्य गेंदबाज, मोहसिन खान और प्रिंस यादव को अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए चुना, जबकि शमी का नाम फिर से नजरअंदाज कर दिया गया।
चुपचाप जवाब, लेकिन सब कुछ कह गया
शमी ने किसी बयान या इंटरव्यू के जरिए अपनी नाराजगी नहीं दिखाई, लेकिन उनकी गेंदबाजी ने सब कुछ कह दिया। आईपीएल जैसे बड़े मंच पर इतिहास रचकर उन्होंने यह साबित कर दिया कि वह अभी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने लायक हैं।
क्या चयनकर्ता अपनी गलती पर पुनर्विचार करेंगे? क्या शमी को अगले सीजन के लिए भारतीय जर्सी में देख पाएंगे? सवाल खुले हैं, लेकिन शमी के जुनून ने एक बार फिर दिखा दिया है कि असली खिलाड़ी मैदान पर बोलते हैं।
