मुंबई इंडियंस पर बरसे मनोज तिवारी, रोहित शर्मा के साथ व्यवहार पर उठाए गंभीर सवाल
मुंबई इंडियंस की रणनीति पर उठे सवाल
आईपीएल में मुंबई इंडियंस का प्रदर्शन पिछले कुछ वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इसी बीच, पूर्व भारतीय बल्लेबाज मनोज तिवारी ने टीम की रणनीतियों, विशेष रूप से रोहित शर्मा के उपयोग को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। तिवारी का मानना है कि पांच बार की चैंपियन टीम रोहित शर्मा के अनुभव और उनकी कप्तानी कौशल को नजरअंदाज कर रही है।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम का विवादास्पद उपयोग
मनोज तिवारी ने इस बात पर नाराजगी जताई है कि रोहित शर्मा को अक्सर ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है और उन्हें मैदान से बाहर डगआउट में बैठाया जाता है। तिवारी का कहना है, ‘जब आपके पास रोहित शर्मा जैसा अनुभवी कप्तान मौजूद हो, तो आप उन्हें डगआउट में क्यों बैठाते हैं? स्लिप फील्डिंग हो या कप्तानी में सलाह, रोहित की मौजूदगी टीम के लिए बहुत फायदेमंद हो सकती है। लेकिन एमआई उन्हें केवल एक खिलाड़ी की तरह सीमित कर रही है।’
फील्डिंग में चूक और रोहित की भूमिका
हालिया मैचों में मुंबई इंडियंस की फील्डिंग में कई गलतियां देखने को मिली हैं। तिवारी ने स्पष्ट किया कि स्लिप में कैच छोड़ने जैसी गलतियां टीम को भारी पड़ रही हैं। उन्होंने तर्क दिया कि अगर रोहित शर्मा मैदान पर होते, तो वे स्लिप में अपनी विशेषज्ञता से टीम को मजबूती दे सकते थे। तिवारी ने कहा, ‘हार्दिक पांड्या को अगर कप्तानी में मदद की जरूरत है, तो रोहित वहां मौजूद हैं। उन्हें बाहर बैठाकर टीम खुद का नुकसान कर रही है।’
विरासत का पतन और भविष्य की संभावनाएं
मनोज तिवारी ने मुंबई इंडियंस द्वारा रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाए जाने के निर्णय की भी कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि रोहित के नेतृत्व में टीम ने पांच खिताब जीते, लेकिन पिछले तीन वर्षों में उनकी विरासत को कमजोर होते देखा जा रहा है। तिवारी का मानना है कि रोहित भी मैदान के बाहर से यह सब देख रहे हैं और वे भी इस बात से दुखी हैं कि निर्णय उनके तरीके से नहीं लिए जा रहे हैं।
क्या 2027 में मिलेगा नया कप्तान?
तिवारी का मानना है कि मुंबई इंडियंस के खराब प्रदर्शन को देखते हुए टीम प्रबंधन को कप्तानी में बदलाव करना ही होगा। उन्होंने दावा किया, ‘मैं 200 प्रतिशत निश्चित हूं कि हम अगले सीजन में एक नया कप्तान देखेंगे। यह सूर्यकुमार यादव या जसप्रीत बुमराह में से कोई भी हो सकता है। मुंबई इंडियंस को अपनी कप्तानी की दिशा बदलने की सख्त जरूरत है।’
मैच का हाल और निराशाजनक प्रदर्शन
यह चर्चा तब शुरू हुई जब ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुंबई इंडियंस को हार का सामना करना पड़ा। गीली पिच और मुश्किल परिस्थितियों में एमआई के बल्लेबाज जूझते दिखे। टीम की खराब शुरुआत और मध्यक्रम के संघर्ष ने तिवारी को टीम की रणनीतियों पर सवाल उठाने के लिए प्रेरित किया। केकेआर के गेंदबाजों के सामने एमआई का शीर्ष क्रम बुरी तरह विफल रहा, जिससे टीम एक मामूली स्कोर तक ही सिमट गई। मनीष पांडे के शानदार खेल के बावजूद मुंबई इंडियंस हार को नहीं टाल सकी।
निष्कर्ष
मनोज तिवारी का यह बयान स्पष्ट करता है कि मुंबई इंडियंस के प्रशंसकों और पूर्व खिलाड़ियों के बीच रोहित शर्मा को लेकर अभी भी भारी समर्थन है। एमआई के लिए यह समय आत्मनिरीक्षण का है कि क्या वे वाकई अपने सबसे अनुभवी खिलाड़ी की अनदेखी कर रहे हैं। आने वाला समय ही बताएगा कि क्या टीम प्रबंधन अपनी रणनीति में बदलाव करेगा या फिर 2027 के आईपीएल में मुंबई इंडियंस वाकई एक नए नेतृत्व के साथ उतरेगी।
