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बासित अली ने नाहिद राणा की तुलना शोएब अख्तर से की: पाकिस्तान की रणनीति पर उठाए सवाल

Imran Sheikh · · 1 min read

बासित अली का बड़ा बयान: नाहिद राणा हैं बांग्लादेश के ‘शोएब अख्तर’

क्रिकेट की दुनिया में अपनी बेबाक राय रखने के लिए मशहूर पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर बासित अली ने हालिया टेस्ट सीरीज के दौरान बांग्लादेशी गेंदबाजी आक्रमण की जमकर तारीफ की है। सिलहट टेस्ट में बांग्लादेश का पलड़ा भारी देखकर बासित अली ने न केवल युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा की तुलना दिग्गज शोएब अख्तर से की है, बल्कि पाकिस्तान के मौजूदा कोचिंग और चयन निर्णयों पर भी सवाल उठाए हैं।

गेंदबाजी आक्रमण और शॉन टेट का प्रभाव

बासित अली ने बांग्लादेश की गेंदबाजी इकाई, विशेष रूप से नाहिद राणा, तस्कीन अहमद और शोरिफुल इस्लाम के कौशल की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘शोरिफुल और तस्कीन जिस तरह से सीम का इस्तेमाल करते हैं, वह उनकी गेंदबाजी की असली पहचान है।’ दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने बांग्लादेश के गेंदबाजी कोच शॉन टेट का जिक्र करते हुए पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट पर तंज कसा। बासित ने कहा, ‘वही गेंदबाजी कोच जो अब बांग्लादेश के साथ हैं, कभी पाकिस्तान के साथ भी थे। पाकिस्तान ने उन्हें जाने दिया और आज वे बांग्लादेश के लिए परिणाम दे रहे हैं। हमें खुद से पूछना चाहिए कि आखिर हमारी टीम के लिए कौन सही है?’

नाहिद राणा: एक नया तूफानी गेंदबाज

बासित अली ने नाहिद राणा की गति और आक्रामकता को देखते हुए उन्हें ‘बांग्लादेश का शोएब अख्तर’ करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि पाकिस्तान के बल्लेबाजों को राणा के खिलाफ एक विशेष योजना बनाने की जरूरत है। बासित ने कहा, ‘पाकिस्तान को सबसे पहले नई गेंद का सामना करना होगा और उसके बाद आता है बांग्लादेश का शोएब अख्तर—नाहिद राणा। वह वास्तव में शोएब अख्तर की याद दिलाते हैं।’ उन्होंने आगे बताया कि नाहिद की बाउंसर और अराउंड-द-विकेट गेंदबाजी दाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए बड़ी मुसीबत खड़ी कर सकती है।

पाकिस्तान की चयन नीति पर सवाल

बासित अली ने पाकिस्तानी टीम के चयन पर निराशा व्यक्त की, खासकर साजिद खान को टीम में शामिल करने के फैसले पर। उन्होंने कहा, ‘साजिद खान का चयन किसने किया? वह ऐसा गेंदबाज नहीं है जो नियमित रूप से विकेट ले सके। एक सच्चा गेंदबाज वह है जो स्लिप में कैच पैदा करे। क्या यह गेंदबाजी है कि आप केवल मिड-विकेट या मिड-ऑन पर विकेट लेने की कोशिश कर रहे हैं?’ उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया के दबाव में आकर पाकिस्तान ने ऑफ-स्पिनर खिलाने का गलत निर्णय लिया।

बल्लेबाजी और रणनीतिक भूल

पाकिस्तान के युवा बल्लेबाजों पर दबाव का जिक्र करते हुए बासित ने कहा कि बादल छाए रहने और गेंद के मूव होने के कारण शुरुआती ओवर काफी चुनौतीपूर्ण थे। उन्होंने सलाह दी कि बल्लेबाजों को सत्र-दर-सत्र (session by session) खेलने की जरूरत है। उन्होंने कहा, ‘आप एक ओवर में दो छक्के मार कर स्लिप में विकेट नहीं फेंक सकते। आपको योग्यता के आधार पर खेलना होगा।’ साथ ही उन्होंने बल्लेबाजी कोचिंग सेटअप पर भी कटाक्ष किया कि कोचों को खिलाड़ियों के साथ बैठकर बारीकियों पर काम करना चाहिए।

निष्कर्ष

बासित अली का मानना है कि यदि युवा बल्लेबाज क्रीज पर टिककर साझेदारी नहीं बनाते, तो पाकिस्तान के लिए यह टेस्ट बचाना मुश्किल होगा। नाहिद राणा, तैजुल इस्लाम और मेहदी हसन मिराज की तिकड़ी के खिलाफ पाकिस्तान को एक ठोस योजना की आवश्यकता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पाकिस्तान टीम प्रबंधन बासित अली द्वारा उठाए गए इन गंभीर मुद्दों पर विचार करता है या नहीं। अंततः, यह टेस्ट मैच न केवल कौशल की परीक्षा है, बल्कि रणनीति और मानसिक दृढ़ता की भी बड़ी अग्निपरीक्षा है।

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Imran Sheikh

Imran Sheikh specializes in bowling records, economy rates, wicket analysis, and performance comparisons across T20 leagues.