Anil Kumble backs Vaibhav Sooryavanshi’s aggressive mindset ahead of IPL 2026 El – IPL 2026: अनिल कुंबले ने वैभव सूर्यवंशी के निडर रवैये का किया समर्थन
आईपीएल 2026 का महामुकाबला: वैभव सूर्यवंशी पर टिकी निगाहें
आईपीएल 2026 का सत्र अपने रोमांचक पड़ाव पर पहुंच चुका है। 27 मई को नई चंडीगढ़ में राजस्थान रॉयल्स (RR) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला जाने वाला एलिमिनेटर मुकाबला न केवल प्रशंसकों के लिए, बल्कि खिलाड़ियों के लिए भी एक बड़ी अग्निपरीक्षा है। इस मैच का विजेता क्वालीफायर 2 में गुजरात टाइटन्स का सामना करेगा, जबकि हारने वाली टीम का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा। इस दबाव भरे माहौल में सभी की निगाहें युवा प्रतिभा वैभव सूर्यवंशी पर टिकी हैं।
वैभव सूर्यवंशी: एक उभरता हुआ सितारा
सिर्फ 15 साल की उम्र में वैभव सूर्यवंशी ने अपनी बल्लेबाजी से पूरे क्रिकेट जगत को चकित कर दिया है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इस सीजन में 230 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 583 रन बनाए हैं। उन्होंने अकेले दम पर कई मैचों का रुख पलटा है और गेंदबाजों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। उनकी निडरता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है, जो उन्हें अन्य युवा खिलाड़ियों से अलग खड़ा करती है।
अनिल कुंबले का अटूट विश्वास
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व मुख्य कोच और दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी मानसिक रूप से अपनी उम्र के हिसाब से बेहद मजबूत हैं। स्टार स्पोर्ट्स के ‘अमूल क्रिकेट लाइव’ पर चर्चा करते हुए कुंबले ने कहा, ‘मुंबई इंडियंस के खिलाफ पिछले मैच में वह केवल चार रन बना सके थे, लेकिन यह एलिमिनेटर उनके लिए एक नई शुरुआत है। मुझे नहीं लगता कि वह इसे किसी दबाव वाले नॉकआउट मैच के रूप में देखते हैं। उन्हें बस अपने स्वाभाविक खेल पर ध्यान देना चाहिए।’
परिस्थितियों को समझने की कला
कुंबले ने वैभव की उस पारी का विशेष उल्लेख किया जो उन्होंने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के खिलाफ खेली थी। उस ‘मस्ट-विन’ मुकाबले में वैभव ने दबाव में भी जिस आजादी से बल्लेबाजी की, वह काबिले तारीफ थी। कुंबले कहते हैं, ‘राजस्थान को प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए अपने अंतिम दो मैच जीतने थे, और उस दबाव में वैभव ने जैसी पारी खेली, वह उनकी परिपक्वता को दर्शाता है। वे केवल अंधाधुंध शॉट नहीं खेलते, बल्कि परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालना जानते हैं।’
एलिमिनेटर में क्या होगी रणनीति?
सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ इस सीजन में वैभव का अनुभव मिला-जुला रहा है। जहां पहले राउंड में वे शून्य पर आउट हुए थे, वहीं जयपुर में उन्होंने 36 गेंदों में शतक जड़कर SRH के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं। कुंबले का मानना है कि एलिमिनेटर में भी वैभव का दृष्टिकोण नहीं बदलेगा। ‘अगर गेंद उनके जोन में है, तो वह निश्चित रूप से प्रहार करेंगे। लेकिन अगर स्थिति मांग करती है, तो उन्हें पता है कि कब रुकना है और कब पारी को आगे बढ़ाना है। यह जागरूकता 15 साल के खिलाड़ी के लिए दुर्लभ है।’
निष्कर्ष
चाहे लीग मैच हो या नॉकआउट मुकाबला, वैभव सूर्यवंशी की मानसिकता एक समान रहती है, जो उन्हें इस सीजन का सबसे खास खिलाड़ी बनाती है। राजस्थान रॉयल्स के लिए यह युवा खिलाड़ी एलिमिनेटर में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या वैभव अपनी इस निडर बल्लेबाजी से टीम को फाइनल की ओर ले जा पाते हैं या नहीं। क्रिकेट प्रशंसक इस युवा खिलाड़ी के एक और आक्रामक प्रदर्शन की उम्मीद कर रहे हैं, जो आईपीएल 2026 के इस संस्करण में पहले ही कई कीर्तिमान स्थापित कर चुका है।
भविष्य की संभावनाएं
वैभव की सफलता ने भारतीय क्रिकेट के भविष्य को लेकर उम्मीदें जगा दी हैं। जिस तरह से उन्होंने बड़े मंच पर और अनुभवी गेंदबाजों के सामने निडर होकर बल्लेबाजी की है, वह यह साबित करता है कि उनमें एक बड़ा खिलाड़ी बनने के सभी गुण मौजूद हैं। एलिमिनेटर का यह दबाव भरा मैच उनके करियर के लिए एक और मील का पत्थर साबित होगा। चाहे परिणाम जो भी हो, यह स्पष्ट है कि वैभव सूर्यवंशी का नाम आने वाले वर्षों में और अधिक सुर्खियों में रहने वाला है।
