भुवनेश्वर कुमार का IPL लिस्ट में रोहित शर्मा को नजरअंदाज करना: क्या यह कोई विवाद है?
भुवनेश्वर कुमार और रोहित शर्मा: क्या वाकई कोई अनबन है?
भारतीय क्रिकेट में जब भी दिग्गज खिलाड़ियों की बात होती है, तो भुवनेश्वर कुमार और रोहित शर्मा का नाम सम्मान से लिया जाता है। हाल ही में, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने एक रैपिड-फायर इंटरव्यू के दौरान अपने आईपीएल के सबसे बेहतरीन पलों और खिलाड़ियों को लेकर कुछ राय साझा की। इस सूची में रोहित शर्मा का नाम न होना फैंस के लिए चर्चा का विषय बन गया है।
क्या था पूरा मामला?
Cricbuzz के साथ एक बातचीत में, भुवनेश्वर कुमार से आईपीएल के इतिहास के सबसे बेहतरीन खिलाड़ियों को चुनने के लिए कहा गया था। उन्होंने बेहतरीन कप्तान के रूप में आरसीबी के रजत पाटीदार को चुना, जबकि जसप्रीत बुमराह को सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज और एमएस धोनी को सर्वश्रेष्ठ फिनिशर का दर्जा दिया। सबसे बेहतरीन बल्लेबाज के रूप में उन्होंने अपने वर्तमान साथी विराट कोहली का नाम लिया।
फैंस ने तुरंत ध्यान दिया कि इस पूरी सूची में रोहित शर्मा का नाम कहीं नहीं था। सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई कि क्या भुवनेश्वर ने रोहित को नजरअंदाज करके उन पर निशाना साधा है। कुछ पुराने वाकयों को याद करते हुए फैंस ने दावा किया कि रोहित का भुवनेश्वर के प्रति अतीत का व्यवहार इस फैसले के पीछे हो सकता है।
क्या यह सिर्फ एक सोशल मीडिया एजेंडा है?
आंकड़ों पर गौर करें तो, रोहित शर्मा ने आईपीएल में भुवनेश्वर कुमार की गेंदों का सामना करते हुए 76 गेंदों में 102 रन बनाए हैं और केवल दो बार आउट हुए हैं। हालांकि, मैदान के बाहर की ‘रंजिश’ की बातें अक्सर केवल सोशल मीडिया का एक हिस्सा होती हैं। क्रिकेट जगत में खिलाड़ियों के बीच आपसी सम्मान हमेशा बना रहता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि फैंस अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी पसंद के हिसाब से खिलाड़ियों के बीच प्रतिस्पर्धा का माहौल बना देते हैं, जबकि असल जिंदगी में रिश्ते काफी सौहार्दपूर्ण होते हैं।
IPL 2026 में भुवनेश्वर कुमार का जलवा
विवादों से परे, भुवनेश्वर कुमार का प्रदर्शन आईपीएल 2026 में देखने लायक है। 14 मैचों में 24 विकेट लेकर उन्होंने पर्पल कैप की रेस में सबसे ऊपर जगह बनाई है। उनकी गेंदबाजी में वही पुरानी धार और स्विंग देखने को मिल रही है, जिसने उन्हें भारत का बेहतरीन स्विंग बॉलर बनाया था। आरसीबी के प्लेऑफ में पहुंचने के बाद, भुवनेश्वर के पास और अधिक विकेट लेकर अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका है।
आरसीबी की गेंदबाजी इकाई के लिए वरदान
भुवनेश्वर कुमार की मौजूदगी ने आरसीबी की गेंदबाजी को नई मजबूती दी है। वे पावरप्ले और डेथ ओवर्स, दोनों में ही अपनी सटीक लेंथ से बल्लेबाजों को परेशान करने में माहिर हैं। आधुनिक क्रिकेट में, जहां बल्लेबाजों का बोलबाला है, वहां भुवनेश्वर की किफायती और विकेट लेने की क्षमता आरसीबी के लिए एक बड़ा सकारात्मक पहलू साबित हुई है।
निष्कर्ष
अंत में, किसी इंटरव्यू में नाम न लेने का मतलब यह कतई नहीं है कि खिलाड़ियों के बीच आपसी सम्मान कम हो गया है। भुवनेश्वर कुमार का ध्यान फिलहाल पूरी तरह से अपनी गेंदबाजी और आरसीबी को चैंपियन बनाने पर है। सोशल मीडिया पर चल रही अटकलें केवल मनोरंजन का साधन हो सकती हैं, लेकिन क्रिकेट के मैदान पर भुवनेश्वर और रोहित दोनों ही अपने शानदार करियर के लिए सदैव याद किए जाएंगे। एक खेल प्रशंसक के तौर पर, हमें इन दिग्गजों के खेल का आनंद लेना चाहिए न कि उनके बीच काल्पनिक विवाद ढूंढने चाहिए।
